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कोतवाली में फंदे से युवक की मौत पर बवाल परिवार ने शव रखकर मांगे 50 लाख और नौकरी

प्रतापगढ़: पट्टी कोतवाली में फंदा लगाने से मोलनापुर निवासी अर्जुन गौतम की मौत के मामले में विवाद बढ़ता जा रहा है। युवक का अंतिम संस्कार अभी तक नहीं हो सका है। परिवार के लोग शव को घर पर रखकर 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और जमीन समेत कई मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर पट्टी में वकीलों ने भी घटना को लेकर विरोध शुरू कर दिया है।
अर्जुन के पिता लल्लू राम ने अपने बेटे की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनकी शिकायत पर किशोरी के पिता, भाई और एक अज्ञात पुलिसकर्मी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घर पर रखा शव अंतिम संस्कार से इनकार
अर्जुन गौतम की मौत के बाद से परिवार और आसपास के लोगों में आक्रोश है। परिजनों ने अभी तक अंतिम संस्कार नहीं किया है। शव को घर पर रखा गया है और परिवार अपनी मांगों को पूरा किए जाने पर अड़ा हुआ है।
परिवार की प्रमुख मांगों में 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, घर के एक सदस्य को नौकरी और जमीन शामिल है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार परिवार से बातचीत कर रहे हैं।
अधिकारियों की कोशिश है कि परिजनों को समझाकर अंतिम संस्कार कराया जाए। हालांकि परिवार अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है।
पिता ने लगाया हत्या का आरोप
अर्जुन के पिता लल्लू राम ने मंगलवार सुबह पट्टी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए बेटे की हत्या किए जाने का आरोप लगाया। उनकी शिकायत के आधार पर किशोरी के पिता और भाई के साथ एक अज्ञात पुलिसकर्मी को भी आरोपी बनाया गया है।
लल्लू राम का आरोप है कि उनके बेटे की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है और बाद में इसे आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया।
हालांकि ये आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रेम संबंध का किया जिक्र
पिता की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में दावा किया गया है कि अर्जुन गौतम और संबंधित किशोरी के बीच प्रेम संबंध था। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे।
परिवार का आरोप है कि किशोरी के पिता और भाई इस रिश्ते के खिलाफ थे। इसी कारण अर्जुन और लड़की के रिश्ते को लेकर दोनों परिवारों के बीच पहले से विवाद की स्थिति बनी हुई थी।
लल्लू राम ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि किशोरी के परिजनों ने पहले दो बार अर्जुन का नाम लड़की को भगा ले जाने से संबंधित मामलों में दर्ज कराया था।
पुलिसकर्मियों से मिलीभगत का आरोप
अर्जुन के पिता ने शिकायत में एक अज्ञात पुलिसकर्मी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि किशोरी के पिता और भाई ने कुछ पुलिसकर्मियों से कथित मिलीभगत कर उनके बेटे को कोतवाली में मार डाला और बाद में इसे आत्महत्या दिखाने की कोशिश की।
ये सभी आरोप परिवार की शिकायत पर आधारित हैं और इनकी सत्यता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
हिरासत या थाना परिसर में किसी व्यक्ति की मौत का मामला होने के कारण जांच में परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
वकीलों ने शुरू किया विरोध
अर्जुन की मौत को लेकर पट्टी में वकीलों ने भी विरोध शुरू कर दिया है। वकीलों ने तहसील और रजिस्ट्री कार्यालय का कामकाज ठप कराकर आक्रोश जताया।
विरोध के कारण तहसील परिसर में सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ। वकीलों ने घटना को गंभीर बताते हुए मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
वकीलों के प्रदर्शन के बाद प्रशासन की चुनौती और बढ़ गई है। एक तरफ परिवार शव का अंतिम संस्कार नहीं कर रहा है तो दूसरी तरफ विरोध के कारण सरकारी कार्यालयों का काम प्रभावित हो रहा है।
पुलिस प्रशासन परिवार को समझाने में जुटा
मामले को शांत कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी परिवार के लोगों के संपर्क में हैं। उनसे बातचीत कर अंतिम संस्कार के लिए सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है।
परिवार की मांगों के संबंध में अधिकारियों के स्तर पर क्या निर्णय लिया जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ मामले की जांच को आगे बढ़ाना है।
परिवार के घर और आसपास की स्थिति पर भी पुलिस नजर बनाए हुए है।
कोतवाली में मौत कैसे हुई जांच का अहम सवाल
मामले का सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि अर्जुन की कोतवाली में मौत किन परिस्थितियों में हुई। शुरुआती तौर पर उसके फंदा लगाकर आत्महत्या करने की बात सामने आई है, जबकि परिवार ने हत्या का आरोप लगाया है।
ऐसे में घटनास्थल से मिले साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कोतवाली परिसर में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों तथा अन्य लोगों के बयान जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि या खंडन भी जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकेगा।
हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद बढ़ी जांच
लल्लू राम की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस अब आरोपों से जुड़े प्रत्येक पहलू की जांच कर रही है। किशोरी के पिता और भाई की भूमिका के साथ अज्ञात पुलिसकर्मी को लेकर लगाए गए आरोपों की भी जांच की जाएगी।
इसके अलावा अर्जुन और किशोरी से जुड़े पुराने मामलों के रिकॉर्ड भी जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि दोनों पक्षों के बीच पहले किस तरह का विवाद था।
जांच एजेंसियों के सामने पूरे घटनाक्रम की समयरेखा स्पष्ट करने की चुनौती भी होगी।
एएसपी बोले तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार ने कहा है कि घटना की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जा रहा है। वहीं परिवार निष्पक्ष जांच और अपनी मांगों को पूरा किए जाने की मांग कर रहा है।
फिलहाल अर्जुन गौतम का अंतिम संस्कार नहीं होने और वकीलों के विरोध के कारण मामला संवेदनशील बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन की कोशिश परिवार को समझाने के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने की है। दूसरी ओर युवक की मौत की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।





